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गुरुवार, 9 सितंबर 2010
प्रकृति की गोद में...
जीवन की आपाधापी के बीच अगर कुछ पल प्रकृति के बीच बिताने को मिल जाएं तो ऐसा लगता है जैसे जन्नत मिल गई हो। और यदि मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ-भानपुरा क्षेत्र में पहुंच जाएं तो इस जन्नत के भरपूर दीदार किए जा सकते हैं। नौकरी के दरमियान पिछले दिनों झरना क्या मिला जैसे जीवन मिल गया। भानपुरा शहर के दूसरे छोर पर स्थित बड़ा महादेव की पहाड़ी से निकलता झरना पुरसुकून देता है। और जब आप इसके नज़दीक जाते हैं तो फिर वापस बचपन को हासिल कर लेते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ।
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झरने के नीचे नहाने मे मुझे भी बहुत मजा आता है|
जवाब देंहटाएंहिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
जवाब देंहटाएंकृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें
हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
जवाब देंहटाएंआपको नववर्ष 2011 मंगलमय हो ।
जवाब देंहटाएंब्लाग पर आना सार्थक हुआ ।
काबिलेतारीफ़ है प्रस्तुति ।
आपको दिल से बधाई ।
ये सृजन यूँ ही चलता रहे ।
साधुवाद...पुनः साधुवाद ।
satguru-satykikhoj.blogspot.com